Wednesday, 10 March 2021

श्याम थापे केसर छिड़का जी भजन लिरिक्स


श्याम थापे केसर छिड़का जी 

बाबा जी थापे केसर छिड़का जी 

बनड़ा सा लगो आज संवारा,

थाने निरखा जी 

श्याम थापे केसर छिड़का जी || 


काना कुण्डल सोहे थारे 

गल वैजन्ती हार,

नैन निगोड़ा, सेठ सँवारा 

थापे  पे अटक्या जी,

श्याम थापे केसर छिड़का जी || 


थाने बिठाकर लिलो चले ,

तिरछी तिरछी चाल,

उछल उछल कर नाचे म्हारे,

जोरका ठुमका जी,

श्याम थापे केसर छिड़का जी || 


बांकी अदा सुं थे इतरावो,

होटा पर मुस्कान,

रूप सलोनो  देख  श्यामथारो,

सेवक भटक्या जी,

श्याम थापे केसर छिड़का जी||


हर्ष भगत थारा लाड लड़ावे

छिड़के इतर फुहार,

सगला मिलकर आज करां,

फुला की बरखाजी,

श्याम थापे केसर छिड़काजी ||

बाबा जी थापे केसर छिड़का जी 

बनड़ा सा लगो आज संवारा,

थाने निरखा जी 

श्याम थापे केसर छिड़का जी || 


1 comment: